पटना, फरवरी 7 -- बिहार विधान परिषद के उप सभापति प्रो. रामवचन राय ने कहा कि कविता-कहानी व उपन्यास लिखने की तुलना में शब्दकोष तैयार करना कहीं बड़े हौसले का काम है। संस्थान या सरकार की ओर से किए जाने वाले कार्य को 22 सालों की मेहनत से पूरा करने वाले जुबैर अहमद भागलपुरी बधाई के पात्र है। प्रो. राय ने शनिवार को इल्मी मजलिस, बिहार के बैनर तले अशोक राजपथ स्थित राजकीय उर्दू पुस्तकालय भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जुबैर अहमद भागलपुरी के संपादन में प्रकाशित 'प्रमाणिक हिंदी-अंग्रेजी-उर्दू शब्दकोश' का लोकार्पण किया। मौके पर उन्होंने कहा कि सबसे पहला शब्दकोश की तर्ज पर शब्दों का संग्रह करने का प्रमाण मेसोपोटामिया की सभ्यता के दौरान मिलता है। तब, मिट्टी के तख्ते तैयार कर उस पर शब्द उकेरे जाते थे और उन्हें आग में पका कर संरक्षित कर लिया जाता था...