गंगापार, सितम्बर 6 -- करछना ब्लॉक के भड़ेवरा गांव की एक घटना ने हर किसी की आंखें नम कर दीं। दो सहोदर भाई एक-दूसरे का साथ जीवनभर निभाते रहे और अंत में मृत्यु में भी एक-दूसरे का साथ न छोड़ सके। गांव के समाजसेवी एवं रामलीला के वरिष्ठ कलाकार 80 वर्षीय ओंकारनाथ शुक्ल का गुरुवार देर रात उपचार के दौरान निधन हो गया। शुक्रवार को जब उनका अंतिम संस्कार दारागंज गंगा घाट पर हुआ तो पूरे गांव की आंखें नम थीं। लेकिन इसी बीच उनके छोटे भाई 75 वर्षीय विश्वनाथ प्रसाद शुक्ल उर्फ बड़े बाबू जो सर्वोदय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज भीरपुर से अवकाश प्राप्त प्रधान लिपिक थे, भाई के वियोग का आघात सहन न कर सके। शुक्रवार शाम अचानक तबीयत बिगड़ी और शनिवार सुबह उन्होंने भी दम तोड़ दिया। मनैया गंगा घाट पर जब छोटे भाई का अंतिम संस्कार हुआ तो हर कोई इस दृश्य को देख गमगीन हो उठा। दो...
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