नई दिल्ली, अक्टूबर 21 -- ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्र सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को लेकर अपना फोकस और बढ़ा दिया है। सरकारी स्वामित्व वाली कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) भारत की नौसैनिक शक्ति को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रही है। भारत के सबसे बड़े जहाज निर्माताओं में से एक कोचीन शिपयार्ड ने देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत की सफल डिलीवरी के बाद कई नई रक्षा परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। बता दें कि कोचीन शिपयार्ड के शेयर फिलहाल 1812 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। कंपनी के प्रोजेक्ट्स को देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले समय में इस शेयर पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।16,000 करोड़ रुपये की रक्षा परियोजना पर चल रहा काम कंपनी फिलहाल करीब 16,000 करोड़ रुपये की रक्षा परियोजनाओं पर काम कर रही है...
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