नई दिल्ली, फरवरी 1 -- आलोक जोशी ,वरिष्ठ पत्रकार बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का/ जो चीरा तो इक कतरा-ए-खूं न निकला। हालांकि, सरकार ने या वित्त मंत्री ने न तो ऐसा कोई वादा किया था, न ही ऐसा कोई संकेत दिया था। फिर भी, न जाने क्यों बहुत से लोगों को उम्मीद थी कि इस बजट में फिर मध्यवर्ग या आम वेतनभोगी परिवारों को कुछ खुशखबरी मिल सकती है। अफसोस! बजट के बाद उनके हाथ बस निराशा ही लगी। खास बात यह है कि इसी उम्मीद में इंसान को आखिरी वक्त तक पूरा बजट भाषण सुनना पड़ता है, क्योंकि इनकम टैक्स में फेरबदल के उल्लेख बजट के एकदम अंत मेें आते हैं। अब यह तो एकदम साफ है कि इनकम टैक्स में कोई फेरबदल नहीं होगा। स्टैंडर्ड डिडक्शन में भी बदलाव नहीं होगा, यानी पिछले साल के बजट में इनकम टैक्स में जो राहत मिली थी, अब 31 मार्च 2027 तक उसी से गुजारा करना पड़ेगा। हां,...
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