हाजीपुर, जनवरी 11 -- हाजीपुर । ए.प्र. गंगा और गंडक की गोद में बसे वैशाली जिले से बीच से होकर चार सहायक नदियां बहती हैं। इन सभी नदियों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हाल के दशक में औसत वर्षा की कमी, अतिक्रमण, गाद, बेतहाशा खनन और बढ़ते प्रदूषण के कारण नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। गंगा और गंडक नदी में भी गाद का अंबार नजर आता है। नदियां अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने पिछले 10 दिनों तक 'आएं अपनी नदी को बचाएं' अभियान चलाया। इसमें नदियों के सूखने के क्या-क्या दुष्प्रभाव जनजीवन पर पड़ रहे हैं। क्या और दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं आदि बिंदुओं पर पड़ताल की। समाधान की भी चर्चा अखबार ने की। इन्हीं बिदुओं पर पर्यावरणविद्, बुद्वजीवियों, किसानों, मत्स्य व्यवसाय, पशुपालन आदि जुड़े लोगों से संवाद क...
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