पटना, फरवरी 2 -- एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के महासचिव प्रभाष घोष ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट भाषण 2026 केवल उपदेशों का पुलिंदा है। इसमें जनता की बदहाली का कोई जिक्र नहीं है। सोमवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि बजट 2026 देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति का कोई प्रतिबिंब नहीं है, बल्कि यह संदेहास्पद तरीके से संकलित किए गए फर्जी आंकड़ों से भरा हुआ भाजपा सरकार का एक 'स्व-प्रशंसा पत्र' मात्र है। बजट में न तो स्पष्ट क्षेत्रवार आवंटन का उल्लेख किया गया है और न ही पहले घोषित परियोजनाओं या कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट या स्थिति के बारे में कुछ कहा गया है। बजट में बढ़ती मुद्रास्फीति, गिरते रुपये, बढ़ती बेरोजगारी, उद्योगों के बंद होने, नौकरियों में कटौती, गरीब किसानों की गिरती आय और कृषि क्षेत्र के तेजी से हो रहे कॉर्पोरेटीकरण के बारे में एक शब्द भी ...
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