बुलंदशहर, जनवरी 9 -- जिले की ग्राम पंचायतों में विकास की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। चुनावी वर्ष में अपनी साख बचाने की जुगत में लगे ग्राम प्रधानों के सामने बजट का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। जिले के 16 ब्लॉकों की 946 ग्राम पंचायतों ने विकास के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वाकांक्षी कार्य योजना तैयार की थी, लेकिन शासन से अब तक केवल 43 करोड़ रुपये ही मिल सके हैं। मार्च के अंत तक विकास कार्यों को पूरा करने के लिए अब भी 57 करोड़ रुपये से अधिक की दरकार है, जबकि पंचायतों के खातों में बजट का टोटा है। ग्राम प्रधानों का अब यह अंतिम कार्यकाल चल रहा है। अप्रैल या मई माह में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो सकते हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को देखते हुए ग्राम प्रधानों ने गांवों के विकास के लिए भारी-भरकम और कुछ नए प्रस्ताव तैयार किए और इन्हें ई-स्वराज ...