लखनऊ, फरवरी 1 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। लखनऊ के लिए केंद्र सरकार का बजट बड़ी सौगात लेकर आया है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 5000 करोड़ रुपये के प्रावधान ने उन इलाकों में उम्मीद जगा दी है, जो वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। खासकर वे 188 गांव, जो वर्ष 2019-20 में नगर निगम की सीमा में शामिल किए गए थे, आज भी सड़क, सीवरेज, ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं या बदहाल हालात में हैं। सुविधाएं नदारद नगर निगम सीमा में शामिल होने के बाद इन गांवों को शहर जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हकीकत इसके उलट रही। कहीं कच्ची सड़कें हैं, तो कहीं नालियां जाम पड़ी हैं। स्ट्रीट लाइटें या तो लगी ही नहीं या फिर वर्षों से खराब हैं। बारिश में जलभराव लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह से पटरी से उतार देता है। लखनऊ ...