लखनऊ, अप्रैल 27 -- यदि नवजात व बच्चे के मल का रंग सफेद है। पेशाब का रंग सरसो के तेल के समान है। तो संजीदा हो जाएं। यह लक्षण पीलिया के होते हैं। नवजात में पीलिया की अनदेखी जानलेवा हो सकता है। उपचार में देर होने पर लिवर के खराब होने पर प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ती है। यह बातें रविवार को लोहिया संस्थान के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉलिस्ट डॉ. पीयूष उपाध्याय ने इंडियन सोसाइटी ऑफ पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं न्यूट्रिशन के नेशनल मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस में कहीं। लखनऊ में 12 वर्ष बाद संस्थान में पहली बार आयोजित कांफ्रेंस का उदघाटन लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने किया। कांफ्रेंस के आयोजक सचिव डॉ. पीयूष उपाध्याय ने बताया कि बच्चों में पीलिया का पता लगाने के लिये स्टूल कार्ड सबसे आधुनिक जांच है। किसी भी बच्चे का मल और पेशाब का...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.