संभल, दिसम्बर 7 -- शहर के चौधरी सराय स्थित मदरसा अहले सुन्नत रज़ा-ए-मुस्तफा अजमल उलूम में शनिवार को रज़ा-ए-मुस्तफा कॉन्फ्रेंस एवं जश्ने दस्तार हाफ़िज़-ए-किराम का कार्यक्रम आयोजित किया गया। महफिल की शुरुआत मौलाना कारी लईक की तिलावत-ए-कुरआन से हुई। जिसके बाद उत्तराखंड से तशरीफ लाए कारी नावेद और मदीना मस्जिद के इमाम मौलाना जुनैद ने नात-ए-पाक पेश कर माहौल को रूहानी रंगों से भर दिया। जलसे में मोहम्मद तालिब मिस्बाही बरकती ने भी खिताब किया। मुख्य अतिथि हजरत मौलाना मुफ़्ती जलीस अहमद ने अपने खिताब में इस्लामी तालीम की अहमियत पर विस्तार से बात करते हुए बताया कि जीवन की कामयाबी नेक रास्ते पर चलने और बुराई से दूर रहने में है। उन्होंने बच्चों को दीनी और दुनियावी दोनों तालीम में उत्कृष्टता हासिल करने की नसीहत की। उन्होंने कहा कि हिफ्ज-ए-कुरआन एक बड़ी न...
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