जयपुर, मई 14 -- राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कला शिक्षकों की भर्ती को लेकर राज्य सरकार को अंतिम चेतावनी दी है। कोर्ट ने दो टूक कहा है कि बच्चे देश का भविष्य हैं, और उन्हें चित्रकला-संगीत जैसी रचनात्मक शिक्षा से वंचित नहीं रखा जा सकता। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित की खंडपीठ ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए सरकार से कहा कि अब बहुत हो गया, अब और इंतजार नहीं किया जाएगा। यह टिप्पणी एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसे विमल शर्मा ने दायर किया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के करीब 70 हजार सरकारी स्कूलों में कला शिक्षा के लिए विशेषज्ञ शिक्षक ही नहीं हैं। स्थिति यह है कि गणित और विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक ही बच्चों को संगीत और चित्रकला सिखा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.