नई दिल्ली, जुलाई 9 -- माता-पिता भी इंसान होते है। तकलीफ उन्हें भी हो सकती है, कभी किसी बात का दुख हो सकता है और कभी-कभी आंखें नम भी हो सकती हैं। ज्यादातर लोगों का यह मानना होता है कि पैरेंट्स को बच्चों के सामने हमेशा मजबूत दिखना चाहिए। लेकिन जब इमोशंस हावी हो जाएं और बच्चों के सामने आंख से आंसू निकल आएं, तो क्या किया जाए? ऐसे समय में अक्सर पेरेंट्स का दिमाग और दिल दोनों ही उलझ जाते हैं। उन्हें समझ में नहीं आता कि वो इस सिचुएशन को कैसे हैंडल करें। कई बार पेरेंट्स को ऐसा लगता है कि बच्चों के सामने रोने से उनके मन पर इसका बड़ा और गहरा असर पड़ सकता है या बच्चे के सामने रोना गलत है। चलिए जानते हैं पैरेंटिंग एक्सपर्ट सिग्गी कोहेन की इस पर क्या राय है।बच्चे के सामने रोना गलत नहीं है अक्सर माता-पिता सोचते हैं कि उन्हें अपने सारे दर्द, परेशानियां ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.