नई दिल्ली, अगस्त 29 -- हम उस पीढ़ी से हैं, जो परवरिश के पुराने तरीकों को पीछे छोड़ अपने बच्चों को बड़ा करने के क्रम में नए प्रयोग करने लगे हैं। परवरिश का एक अहम हिस्सा है अपने बच्चों को पैसों के बारे में जरूरी सीख देना। इसीलिए अब हर माह बच्चों को पॉकेट मनी मिलना आम बात हो गई है। यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि बच्चे की परवरिश और आर्थिक साक्षरता को बढ़ाने का एक जरिया बन चुका है। बस जरूरत है पॉकेट मनी के लिए सही उम्र को भांपकर उसकी सीमाओं को तय करने की। इस ओर भी ध्यान देने की जरूरत है कि मनी मैनेजमेंट सिखाने के लिए आप बच्चे को जो आजादी दे रही हैं, कहीं वह जाने-अनजाने में आपकी गलती तो साबित नहीं हो रही।क्यों है जरूरी पॉकेट मनी? सबसे पहला सवाल उठता है कि भला बच्चों के हाथों में पैसे देने ही क्यों हैं? जवाब एकदम साफ है, किसी भी काम को सीखने के ...
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