नई दिल्ली, अगस्त 14 -- तमिलनाडु में सरकार और निजी रूप से संचालित स्कूलों के सामने एक नई समस्या आ गई है। राज्य स्कूल शिक्षा विभाग ने मीडिया में चल रही खबरों की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस वर्ष 208 सरकारी स्कूलों और 869 निजी स्कूलों में किसी भी छात्र या छात्रा का नामांकन नहीं हुआ है। इसके पीछे स्कूलों का इन्फ्रास्ट्र्क्चर या पढ़ाई का स्तर नहीं बल्कि गिरती जन्म दर और लोगों का दूसरे क्षेत्रों में प्रवास कर जाना प्रमुख कारण है। स्कूलों में बच्चे न होने की स्थिति में कई सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। हालांकि विभाग का कहना है कि अगर सरकारी स्कूलों में कोई बच्चे आते हैं, तो इन्हें फिर से शुरू किया जाएगा। मीडिया में चल रही स्कूलों के बंद होने की खबरों पर जवाब देते हुए विभाग ने कहा कि राज्य की गिरती जन्म दर एडमिशन में गिरावट का मुख्य कारण ह...
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