महाराजगंज, फरवरी 6 -- महराजगंज, निज संवाददाता। मोबाइल की तरफ बच्चों की बढ़ती सक्रियता और उसके परिणामों ने अभिभावकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। गाजियाबाद में तीन नाबालिक सगी बहनों की खुदकुशी की घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। लोग चिंतित हैं। विशेषज्ञ इसका निदान भी बताते हैं। कहते हैं कि यदि आपके बच्चे की मोबाइल देखने की लत नहीं छूट रही है तो ऐसे बच्चों को कागनिटिव बिहैवियर थेरेपी (सीबीटी) की जरूरत होती है। जिला अस्पताल के मनकक्ष में साइक्रेटिक को दिखाएं। डॉक्टर साइक्रेटिक डायग्नोस्टिक के माध्यम से उसके व्यवहार में परिवर्तन करेंगे। एक समय बाद बच्चा खुद मोबाइल से दूर हो जाएगा। इससे बच्चे पर किसी तरह को कोई साइड इफेक्ट नहीं पड़ेगा। मोबाइल के अंधाधुंघ प्रयोग से बच्चों का मानसिक विकास प्रभावित होने के साथ ही उसकी नजर कमजोर हो जा रही है। दस व...