नई दिल्ली, अक्टूबर 16 -- मां और बच्चे के लिए स्तनपान एक बिल्कुल अलग प्रक्रिया होती है। नवजात शिशु मां के दूध पर ही पूरी तरह से निर्भर रहता है और नई मां इस दौरान खुद पर बिल्कुल ध्यान नहीं दे पाती। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान महिलाओं के शरीर में भी कई बदलाव होते हैं। इससे उनके शरीर को सही पोषण नहीं मिलता और कई बार कमजोरी भी हो जाती है। इसलिए नई मदर्स को हेल्दी डायट लेने और आराम करने की सलाह दी जाती है। कई बार औरतें ऐसा सोचती हैं कि ब्रेस्टफीडिंग कब तक करानी होगी। तो वही कुछ महिलाओं को इसे छुड़वाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। चलिए आपको बताते हैं इस बारे में डॉक्टर की राय क्या है।ब्रेस्टफीडिंग के फायदे शिशु को मां के दूध से ताकत मिलती है और भविष्य में कई गंभीर बीमारी होने का खतरा भी टल जाता है। तो वही मां को स्तन कैंसर, हार्ट हेल्थ और वेट लॉस...
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