पटना, फरवरी 6 -- विकास प्रबंधन संस्थान (डीएमआई) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन डिजास्टर मैनेजमेंट की ओर से आपदा, आपातकाल में बाल संरक्षण और अधिकार पर आयोजित तीन दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। विशेषज्ञ वक्ताओं ने कहा कि बिहार में आपदा के दौरान बच्चों की शारीरिक और मानसिक परेशानियों को लेकर कम शोध हुआ है, जबकि बिहार बाढ़, सूखा, व्रजपात, अत्याधिक गर्मी (लू) और भूकंप जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्र है। राज्य के 15 से अधिक जिले हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आते हैं तो दक्षिण बिहार में भीषण गर्मी लंबे समय तक जन जीवन को प्रभावित करती है। ऐसी स्थिति में सबसे अधिक परेशानी बच्चों को उठानी पड़ती है। पोषण के साथ उनकी मानसिक परेशानी को दूर करने की जरूरत होती है। आपदा से पहले इसकी तैयारी बच्चों को उनके बचपन में लौटने की प्रक्रिया में सहायक ह...