हापुड़, सितम्बर 13 -- जिस ममता के दामने में बच्चा अपने आपको सबसे सुरक्षित महसूस करता है, वही ममता एक बच्ची के लिए जानलेवा बन गई। एक महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर चार साल की बच्ची को पहले बेरमी से पीटा इसके बाद अपने हाथों से उसका गला घोंटा और मरा समझकर उसे जंगल में फेंक दिया। पर जाको रखे साइयां मार सके न कोय वाली कहावत इस बच्ची पर चरितार्थ हुई और बच्ची जिंदा बच गई। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल बच्ची को उपचार के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द किया गया, जहां से उसे वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है। सोमवार रात को ब्रजघाट के जंगल क्षेत्र में बच्ची होश में आई और एक चाय के खोके पर पहुंच गई। शरीर पर चोटों के निशान थे और वह दर्द से कराह रही थी। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को स्वास्थ्य केंद्...
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