ठाणे, सितम्बर 10 -- महाराष्ट्र के ठाणे की एक विशेष अदालत ने 2021 में एक तीन साल की बच्ची के गाल पर चूमने के कथित छेड़छाड़ के मामले में एक व्यक्ति को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि यह आपराधिक कृत्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि 'बच्चों के प्रति स्नेह रखने वाला कोई भी व्यक्ति स्नेहवश ऐसा कर सकता है।' अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए कहा कि उसके कृत्य में स्पष्ट आपराधिक मंशा नहीं थी और अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा। 22 अगस्त को दिए गए आदेश में, यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष न्यायाधीश रूबी यू मालवंकर ने ओमप्रकाश रामबचन गिरि (54) को बरी कर दिया। गिरि पर 9 जनवरी 2021 को दो अलग-अलग मौकों पर बच्ची को गले लगाने और चूमने का आरोप था। पुलिस ने गिरि के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम और भारतीय...
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