नई दिल्ली, जनवरी 11 -- भारत को दुनिया में एक बचत करने वाला देश माना जाता है। यहां लोगों को बचपन से सिखाया जाता है कि आज बचाओ, तभी कल सुरक्षित रहेगा। यह सोच अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब बचत को ही अंतिम लक्ष्य मान लिया जाता है, और यह नहीं देखा जाता कि वह बचत वास्तव में भविष्य को कितना मजबूत बना रही है। आज जरूरत इस बात की है कि भारतीय बचतकर्ता अपनी आदतों पर दोबारा विचार करे और यह समझे कि सिर्फ पैसा जमा करना काफी नहीं, उसे समझदारी से बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। आइये जानते हैं बचत और निवेश से जुड़े कुछ नजरिये: 1. सुरक्षित दिखने वाली बचत हमेशा सुरक्षित नहीं होती एफडी, पीपीएफ, डाकघर की योजनाएं और पारंपरिक बीमा योजनाए भारतीय घरों में निवेश की पहली पसंद रही हैं। इनका सबसे बड़ा आकर्षण सुरक्षा है। लेकिन बचतकर्ता को यह समझ...
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