संतकबीरनगर, जनवरी 12 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले की बखिरा की मोती झील एशिया की नामी झील है। यह अब रामसर साईट पर दर्ज है। बखिरा झील में स्थापित पक्षी विहार के विकास की सालों से बात हो रही है। लेकिन यह अभी तक कहीं धरातल पर यह उतरता नहीं दिख रहा है। कई योजनाओं की बात चली लेकिन परवान नहीं चढ़ रही हैं। जबकि यहां पर्यटन की असीम संम्भावनाएं हैं। झील का विकास कराकर सौंदर्यीकरण कराने की जरूरत है। पर्यटकों के ठहरने लायक व्यवस्था कराने की जरूरत है। ताकि असुविधा न हो। हालत यह है कि नगर पंचायत की अनदेखी के चलते रास्ते पर लाईट तक नहीं लग सकी है। शाम होते ही रास्तों पर अंधेरा छा जाता है। पर्यटकों को आने जाने में परेशानी होती है। झील के विकास को लेकर धरातल पर ठोस काम नहीं दिख रहा है। 17 गांवों के किसानों को मुआवजे का इन्तजार हो रहा है...
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