मुरादाबाद, मई 30 -- जुमे की नमाज सभी मस्जिदों में शांतिपूर्वक अदा करते हुए ईद उल जुहा के त्योहार को मनाने के दौरान विशेष सावधानी बरतते हुए दूसरे समुदाय की भावनाओं का ख्याल रखने की बात कही। उलेमाओं ने कहा कि त्योहार पर कोई भी ऐसा काम ना करें, जिससे दूसरे समुदाय के लोग आहत और परेशान हो। जुमा की नमाज में तकरीर करते हुए शुक्रवार को कारी अब्दुल मुईद ने कहा कि जिलहिज्जा का महीना रमजान माह की तरह ही काफी बरकतों वाला है। इस महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग हज करने के लिए मक्का मदीना रवाना होते हैं। बकरीद जिसे ईद उल-अजहा भी कहा जाता है, इस्लाम धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो चांद दिखाई देने पर तय होता है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, यह पर्व जिलहिज्जा महीने की 10 वीं तारीख को मनाया जाता है। कारी अब्दुल मुईद ने यह जानकारी मस्जिद रफीकुल उलूम में ...
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