लखीसराय, जुलाई 8 -- बड़हिया, एक संवाददाता। फलों का राजा कहलाने वाला आम इस बार बंपर पैदावार के साथ किसानों के चेहरों पर मुस्कान तो लेकर आया। लेकिन बाजार में उचित दाम नहीं मिलने से वह मुस्कान धीरे-धीरे मायूसी में तब्दील हो गया है। बड़हिया क्षेत्र जो आम के बड़े बगीचों के लिए जाना जाता है। यहां इस बार आम की इतनी अधिक फसल हुई कि बगीचों में आमों की भरमार नजर आ रही है। मगर इस अधिकता ने ही अब किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बाजार मूल्य का समय पर आंकलन करने वाले कुछ किसानों ने शुरुआती दौर में ही कच्चे आम को अचार के रूप में बेचकर मुनाफा कमा लिया। फरीदाबाद जैसे बाहरी बाजार से संपर्क में रहने वाले ऐसे किसान अपने आम को बेहतर मूल्य पर बेचने में सफल रहे। परंतु जो किसान समय पर बाजार का रुख नहीं भांप सके, वे अब औने-पौने दाम पर अपनी उपज बेचने को मजबूर हैं। किसा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.