खगडि़या, जनवरी 4 -- अलौली। एक प्रतिनिधि सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट लोहिया स्वच्छता अभियान के तहत कचरा उठाव कर्मी को 17 माह से नहीं मिलने के कारण बंद होने के कगार पर हे। गरीब परिवार कहां से घर चला पाएगा? ना तो प्रदेश मजदूरी करने जा पा रहा है और ना ही उक्त काम का मानदेय ही मिल पाता है। परिवार की स्थिति खराब, खाने एवं बच्चों की पढ़ाई चौपट होकर रह गई है। अधिकांश परिवार कचरा उठाव के लिए 30 रुपये महीने जमा कर रहे थे। वह भी काम नहीं तो पैसे नहीं की बात सोचने लगा है। प्राप्त राशि का भी कोई हिसाब किताब नहीं की बात कही जाती है। सहसी पंचायत के पनपीवी गावं के कचरा ढ़ोने वाले चालक परमानंद ने बताया कि 17 माह से बिना मानदेय काम कर रहे हैं। कैसे मेरा परिवार चलेगा? बताया कि छह माह से ठेला टूटा हुआ है। अपने स्तर से किसी तरह जुगाड़ कर कचरा ढो रहे हैं। कचरा उठाव ...
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