कानपुर, अक्टूबर 17 -- गुरु हर गोबिंद सिंह ने 52 कलियों वाला चोला धारण किया था उनके साथ 52 अन्य राजा भी आजाद हो गए, इसकी मनाते हैं खुशी कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। सिख समाज दीपावली बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाता है। इस दिन गुरुद्वारों और घरों में रोशनी की जाती है। यहां शबद कीर्तन के बाद विशेष अरदास होती है। आतिशबाजी के साथ यह जश्न मनाया जाता है। मशहूर रागी सरदार डॉ. दलबीर सिंह मल्होत्रा बताते हैं कि सिखों के छठे गुरु गुरु हरगोबिंद सिंह से यह पर्व जुड़ा हुआ है। मुगल शासक जहांगीर ने सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद साहिब को बंदी बना लिया था। मुगल शासक उन्हें लंबे समय तक कैद में रखना नहीं चाहता था। वह उन्हें रिहा करने पर सहमत हो गया। श्री गुरु हर गोबिंद ने तब एक शर्त लगाई। कहा, जब तक उनके साथ ग्वालियर किले में कैद अन्य 52 राजाओं को नहीं छोड़ा जाता त...
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