गाज़ियाबाद, नवम्बर 25 -- गाजियाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। शहर के लोगों को बंदरों से राहत नहीं मिल पा रही। कई कॉलोनियों के पार्कों में बंदर दिनरात परेशान करते हैं। इस कारण बच्चों, महिला और बुजुर्गों को परेशानी उठानी पड़ रही है। मामला अदालत में होने की वजह से वन विभाग और नगर निगम बंदर नहीं पकड़ रहे। शहर में पिछले कई साल से बंदर पकड़ने के लिए अभियान नहीं चलाया जा सका। तत्कालीन नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने दो हजार बंदर पकड़ने के लिए एक बार वन विभाग को पत्र लिखा था। हालांकि, इसके बावजूद बंदर नहीं पकड़े गए। दरअसल, वन विभाग का कहना है कि बंदर पकड़ने का काम निगम है। ऐसे में ही निगम को ही बंदर पकड़कर जंगल में छोड़ने होंगे। वहीं, निगम का कहना है कि बंदर पकड़ने के लिए हम टेंडर कर सकते हैं। बंदर पकड़वाने और जंगल में छोड़ने का काम वन विभाग का है। यह मामला अद...
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