प्रयागराज, सितम्बर 23 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद में बंदरों के बढ़ते आतंक पर शहरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव से पूछा है कि स्थानीय निकायों ने बंदरों की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने उनसे इस संदर्भ में हलफनामा मांगा है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने विनीत शर्मा व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा कि बैठकें की जा रही हैं और इस जिम्मेदारी को एक दूसरे पर डाला जा रहा है जबकि निकायों का कर्तव्य है कि वे जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करें। गाजियाबाद के डीएम ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि उन्होंने गत 20 अगस्त को शहरी विकास विभाग व पर्यावरण विभाग को पत्र लिखकर गाइडलाइन और एसओपी तैयार करने की सिफारिश की थी।
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