जौनपुर, सितम्बर 10 -- बदलापुर, हिन्दुस्तान संवाद। ग्रामीणांचल में इस समय बंदरों का आतंक चरम पर है। अब लोग बेसहारा और छुट्टा पशुओं के साथ-साथ बंदरों से भी त्रस्त हो चुके हैं। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और वन विभाग भी फेल साबित हो रहा है। अब बंदरों के आतंक ने आम जनता और राहगीरों का चलना दूभर कर दिया है। एक सप्ताह में अब तक बंदरों ने 50 से अधिक लोगों को घायल कर दिया है। एक सप्ताह पहले सिंगरामऊ के आहोपुर गांव निवासी 40 वर्षीय शिवकुमारी पत्नी स्व. कन्हैयालाल की मौत भी हो गई थी। हालांकि उनके परिजन किसी को बताए नहीं थे। वह किसी जरूरी कार्य से अपने घर से बदलापुर जा रही थीं। रास्ते में ही पेड़ पर बैठे बंदर बाइक सवार के ऊपर कूद पड़े जिससे मौके पर ही महिला की गिरकर मौत हो गई थी। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचित किये ही आनन-फानन में ले जाकर अंत...
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