औरंगाबाद, जनवरी 4 -- कुटुंबा प्रखंड में बंटाई और मनी पर खेती करने वाले किसानों को धान बिक्री में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे भूस्वामी और बंटाईदार दोनों प्रभावित हैं। प्रखंड के कई किसानों ने अपनी जमीन बंटाई या मनी पर दे रखी है, जहां शर्तों के अनुसार बंटाईदार को उत्पादन का आधा हिस्सा या तय रकम भूस्वामी को देनी होती है, लेकिन धान क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन रसीद व्यवस्था के कारण समस्या उत्पन्न हो गई है। रसीद भूस्वामी के नाम से होने के कारण बंटाईदार को अपने हिस्से का धान क्रय केंद्र पर बेचने की अनुमति नहीं मिल पाती, जबकि कई भूस्वामी स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर धान बेचने का प्रयास करते हैं, जिससे बंटाईदार को अपना धान खुले बाजार में कम दाम पर बेचना पड़ता है। कुछ मामलों में भूस्वामी द्वारा रसीद उपलब्ध कराने पर भी वार्ड सदस्य या किसान स...