नई दिल्ली, जुलाई 11 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिल्ली में पश्चिम बंगाल के प्रवासी कामगारों को अवैध रूप से हिरासत में रखने के मामले में राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वे हिरासत में हैं। हाईकोर्ट ने दो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति रीतोब्रोतो कुमार मित्रा की पीठ ने याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद कहा कि आरोपों की प्रकृति को देखते हुए, प्रथम दृष्टया हमारा मानना है कि रिट याचिका पोषणीय है और यह अदालत मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती। पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह इस बारे में प्रासंगिक दस्तावेज पेश करे कि क्या कामगारों को हिरासत में लिया गया था या वे लापता हैं। अदालत ने दिल्ली सरकार को यह भी बताने का निर्देश दिया कि क्या यह हिरासत किसी अदालत के आदेश के संबंध में थी ...
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