नई दिल्ली, फरवरी 20 -- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल सरकार और भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के बीच बढ़ती तकरार के चलते सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को असाधरण आदेश पारित किया। शीर्ष अदालत ने राज्य में एसआईआर से जुड़े मामलों पर निर्णय लेने के लिए राज्य के मौजूदा और पूर्व जज को तैनात करने का आदेश दिया। जानकारों की माने तो यह पहला मौका है, जब इस प्रक्रिया में मौजूदा और पूर्व जज की तैनाती हो रही है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। सीजेआई सूर्यकांत ने अपने आदेश में कहा कि जिस तरह से लगातार आरोप-प्रत्यारोप चल रहा है, इससे साफ जाहिर होता है कि दोनों संवैधानिक...
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