गुड़गांव, दिसम्बर 3 -- गुरुग्राम, कार्यालय संवाददाता। फ्लैट का कब्जा नहीं और आवंटन को रद्द करने पर चिंटल इंडिया लिमिटेड को करीब 70 लाख रुपये का ब्याज याचिकाकर्ता को देना होगा। इसके अलावा मानसिक रूप से परेशान करने की एवज में दो लाख रुपये की अदायगी और 50 हजार रुपये याचिका दायर करने की एवज में देने होंगे। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) के न्यायनिर्णायक अधिकारी ने जारी किए हैं। लखनऊ के गोमती नगर निवासी कुमार मंगलम डालमिया ने साल 2011 में चिंटल इंडिया लिमिटेड से सेक्टर-109 स्थित चिंटल पैराडाइसो सोसाइटी के एच टावर में फ्लैट नंबर 703 खरीदा था। इस फ्लैट का कब्जा अक्टूबर, 2015 में दिया जाना था। फ्लैट की एवज में याचिकाकर्ता ने करीब एक करोड़ रुपये की राशि बिल्डर को दे दी थी। इस सोसाइटी का कब्जा प्रमाण पत्र इस बिल्डर को नगर एव...
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