नई दिल्ली, अगस्त 2 -- आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर का कोट जरूर लगाएं। ---------------------- अमनदीप सिंह नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंसानों का नया 'दोस्त बनकर उभर रहा है। यह तकनीक जहां बुजुर्गों के अकेलेपन का सहारा बन रही है और बच्चों की पढ़ाई में मदद कर रही है, वहीं दूसरी ओर इसका दुरुपयोग कर अश्लील कंटेंट तैयार करने और छात्रों को साइबरबुलिंग का शिकार बनाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फ्रेंडशिप डे पर यह सवाल उठना लाजिमी है कि एआई इंसानों का सच्चा दोस्त है या भविष्य का सबसे बड़ा खतरा। केस स्टडी-1 जब एआई ने अकेलेपन में दिया साथ न्यू यॉर्क में रहने वाली 74 साल की एलीन पिछले कुछ सालों से अकेली रह रही थीं। उनके पति की मौत हो चुकी थी और बच्चे दूर शहरों में बस गए थे। ऐसे में न तो रोज उनसे कोई बात करने आता था और न ही वे बाहर जा पाती ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.