संभल, जनवरी 1 -- नववर्ष के आगमन के साथ ही सोशल मीडिया काव्य-रस से सराबोर हो गया है। देश-विदेश में बसे हिंदी कवियों ने अपनी सृजनशीलता के रंग बिखेरते हुए नए साल का स्वागत छंदों, दोहों और मुक्तकों के माध्यम से किया। पाठकों और श्रोताओं के बीच ये कविताएं तेजी से साझा की जा रही हैं और खूब सराहना पा रही हैं। इंडोनेशिया के जकार्ता से संभल निवासी कवयित्री वैशाली रस्तौगी की घनाक्षरी रचना नया साल, खाएंगे मलाई मार, रबड़ी के साथ हम, जलेबी के साथ तुम्हें,दूध भी पिलाएंगे खूब वायरल हो रही है। नउ साल पर उन्होंने उत्सवधर्मिता और लोक-रस का सुंदर चित्र खींचा है। मिठाइयों, नृत्य और उल्लास के बिंबों के साथ यह कविता पुराने दुखों को भुलाकर नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने का संदेश दे रही है। वहीं कुरकावली निवासी त्यागी अशोका कृष्णम् के दोहा मुक्तक आना नूतन साल ऐसा क...
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