संभल, जून 23 -- तहसील क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर टांडा गांव में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथावाचक पंडित कवित शर्मा ने कथा सुनाई। आचार्य ने कहा कि अपने भक्तों को सुख देने के लिए भगवान ने महारास की लीला को किया। महारास लीला कोई साधारण स्त्री पुरुष का मिलन नहीं, बल्कि आत्मा से परमात्मा का मिलन है। वेदों की ऋचाएं गोपिया बन कर भगवान का सानिध्य पाने के लिए प्रकट हुए। शरद पूर्णिमा की रात्रि में भगवान ने मधुर वंशी बजाई। वंशी की तान गोपियों के कान में पड़ते ही गोपियां सुध बुध भूल गईं। कोई गोपी भोजन कर रही थी, भोजन को छोड़कर ही चली आई। भगवान ने सभी का स्वागत किया और कहा कि तुमको इस तरह से रात्रि में अपने घर परिवार को छोड़कर नहीं आना चाहिए था। गोपियों ने कहा है प्रभु आपको इस तरह से निस्ठुर वचन नहीं कहना चाहिए। हम समस्त विषयों का त्याग करके आपके चर...
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