हल्द्वानी, नवम्बर 19 -- नैनीताल जिले के वनभूलपुरा में फर्जी स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनाने का मुख्य आरोपी फैजान मिरकानी अरायनवीस नहीं था। इस बात का खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है। वह कई साल से हल्द्वानी तहसील में अरायजनवीस की आड़ में लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर मोटा पैसा कमा रहा था। उत्तराखंड से लेकर यूपी तक फैजान के तार जुड़े थे। बीते दिनों कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के जनता दरबार में फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जाने का मामला सामने आया था। कमिश्नर और पुलिस की संयुक्त छापेमारी के दौरान वनभूलपुरा निवासी फैजान मिरकानी के सीएचसी से कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए थे। इसके बाद तहसीलदार कुलदीप पांडे ने पुलिस को तहरीर देकर मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। यह भी पढ़ें- आधार-पैन फ्रॉड! किसान को 50 लाख का GST नोटिस,ठगों ने उसके नाम पर चलाई फर्जी फर्म यह ...
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