लखनऊ, फरवरी 14 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। फेफड़े का कैंसर अक्सर चुपके से शरीर पर हावी हो जाता है। बीमारी की शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते। यही कारण है कि मरीज अक्सर देर से डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। आधुनिक जांच व इलाज से बीमारी पर काबू पाना काफी हद तक आसान हो गया है। यह जानकारी केजीएमयू पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश ने दी। वह शनिवार को शताब्दी भवन प्रेक्षागृह में एआईपीकॉन 2026 को संबोधित कर रहे थे। डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि फेफड़े के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मरीज को शुरुआत में लक्षण नजर नहीं आते हैं। ज्यादातर मामलों में मरीज कैंसर की तीसरी या चौथी अवस्था में अस्पताल आ रहे हैं। इसमें मरीज को लगातार खांसी, थकान, सांस लेने में हल्की कठिनाई या बार-बार फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है। हा...