गंगापार, फरवरी 4 -- तेज हवा, बरसात, दिन और रात के तापमान में भारी अंतर के चलते सरसों की फसल में फूल आने में दिक्कत हो रही है। तापमान में हो रहे पल पल परिवर्तन के चलते फूल वाले फसलों, खासकर सरसों में माहू रोग लगना शुरू हो गया है। जानकारी कृषि गोदाम प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार ने दी कि माहू रोग से बचाव के लिए फूल वाले सरसों, दलहनों और आलू में सल्फर का प्रयोग करें। पाला शुरू होने पर गेहूं में खरपतवारनासी दवा डालते हुए सिंचाई करते रहें, अन्यथा फफूंद रोग भी लग सकते हैं।सरसोसल्फरान और मेट सल्फरान सहित चौड़ी व पतली पत्तियों वाली दवा का प्रयोग करें। माहू से बचाव के लिए खेतों में एलो ट्रैप ( पीली पन्नी) लगायें। माहू रोग ज्यादातर शाम के वक्त लगता है। पीली पन्नी में माहू के कीटाणु चिपक कर नष्ट हो जाते हैं। तमाम केमिकल और स्प्रे भी माहू रोग से बचाव के ल...