पौड़ी, जुलाई 1 -- विकासखंड पौड़ी के बैंग्वाड़ी गांव की कविता नौड़ियाल ने अपनी मेहनत और हौसले से न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिये भी प्रेरणा बन गई हैं। कविता ने 2018 में छोटे स्तर पर फूलों की खेती से नर्सरी का कार्य शुरू किया था, जो अब एक सफल उद्यम में बदल चुका है। वर्तमान में वे फूलदार और औषधीय पौधों की नर्सरी से हर माह 30 से 40 हजार रुपये की बचत कर रही हैं। उन्होंने इस नर्सरी का नाम विद्या नर्सरी रखा है। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने बैंग्वाड़ी गांव पहुंचकर कविता नौडियाल द्वारा संचालित नर्सरी का निरीक्षण किया। उन्होंने नर्सरी में तैयार फूलदार, औषधीय एवं फलदार पौधों की सराहना करते हुए कहा कि कविता ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। सीडीओ ने उन्हें प्रोत्साहित करते ...
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