नवादा, दिसम्बर 8 -- रजौली। राजेश कुमार नवंबर के अंतिम सप्ताह में धान की कटाई पूरी होने के बाद रजौली फुलवरिया जलाशय पर निर्भर रहने वाले सैकड़ों गांवों के किसान अब अपनी मुख्य रबी फसल गेहूं की बुआई करने में भारी कठिनाई का सामना कर रहे हैं। जलाशय का पानी नहरों यानी कनाल में नहीं छोड़े जाने के कारण किसानों की जमीनें सूखी पड़ी हैं, जिससे गेहूं की बुआई का उपयुक्त समय निकलता जा रहा है और बुआई में अत्यधिक देरी हो रही है। भड़रा गांव के किसान छोटेलाल सिंह, झुलन सिंह, पंकज सिंह, योगेश्वर महतो और राजो यादव समेत दर्जनों अन्य किसानों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वे धान की कटनी समाप्त होने के बाद से ही कनाल में डैम का पानी छोड़े जाने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं की समय पर बुआई के लिए जमीन में पर्याप्त नमी होना आवश्यक है, लेकिन सि...