नई दिल्ली, जनवरी 9 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अल्पसंख्यक स्कूलों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर शिक्षा निदेशालय (डीओई) और उपराज्यपाल से जवाब तलब किया है। याचिकाओं में उस नए कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है, जिसके तहत निजी स्कूलों में फीस बढ़ाने के लिए सरकार की मंजूरी आवश्यक कर दी गई है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने डीओई व उपराज्यपाल को नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की है। याचिकाओं में दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस तय करने और नियम में पारदर्शिता) अधिनियम, 2025 तथा उससे जुड़े नियमों को चुनौती दी गई है। सुनवाई के दौरान पीठ ने व्यावहारिक अड़चनों को देखते हुए फीस निर्धारण समितियों के गठन ...
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