गिरडीह, फरवरी 16 -- जमुआ, प्रतिनिधि। जमुआ-देवघर मुख्य मार्ग और जमुआ से तीन किलोमीटर दूर मिर्जागंज 80-90 के दशक में एक बड़ी व्यवसायिक मंडी के रूप में विख्यात थी। विभिन्न प्रकार की खाद्यान्नों की थोक मंडी के रूप में जिलेभर में महत्वपूर्ण स्थान रखनेवाला मिर्जागंज मंडी की व्यवसायिक चमक अब अतीत का हिस्सा बनकर रह गयी है। बताया जाता है कि यहां के व्यापारी देश के बड़ी मंडियों मसलन कानपुर, नासिक, हापुड़ आदि जगहों से माल मंगवाकर पूरे जिले में आपूर्ति करते थे। तब इस मंडी में तिसरी, गावां, मालडा, देवरी, चकाई, राजधनवार, सरिया, जमुआ, यहां तक पचम्बा के भी खुदरा व्यवसाई इसी मंडी से खाद्यान्न की खरीदारी करते थे। खाद्यान्न के अतिरिक्त यहां सोना, चांदी, कपड़ा और माइका की भी यहां खरीद बिक्री बड़े पैमाने पर होती थी। सूत्रों के मुताबिक प्रसिद्ध माइका कारोबारी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.