लखनऊ, सितम्बर 12 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता लखनऊ बायोस्कोप ने फिल्मिस्तान कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें कफस और द इमाम फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। कफस 18वीं शताब्दी के काबुल की पृष्ठभूमि पर आधारित एक पुरस्कार-विजेता लघु फिल्म है। जिसमें एक पिंजरे बेचने वाला और एक आवारा की मुलाकात आज़ादी के मायनों पर गहन संवाद में बदल जाती है। शिशिर शर्मा और ल्यूक केनी की दमदार अदायगी ने फिल्म को ऊंचाई दी। वहीं द इमाम गांव के एक मौलवी की छह वर्षीय बेटी की कहानी है, जो अपने पिता की तरह इमाम बनने का सपना देखती है और पितृसत्तात्मक समाज उसकी इच्छा पर कैसे प्रतिक्रिया देता है, इसी विषय को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया। फिल्मों की निर्देशिका सबा मुमताज और प्रार्थना पार्कर ने अपने अनुभव साझा किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.