नई दिल्ली, फरवरी 4 -- एक सुंदर जापानी कहानी है। एक आदमी चट्टानों को तराशने का काम करता था। वह कड़ी मेहनत करता, लेकिन कमाई कुछ खास नहीं होती। वह असंतुष्ट रहता था। वह आहें भरा करता। एक बार वह चिल्लाकर बोला, 'काश! मैं इतना धनवान होता कि रेशमी गद्दों पर आराम करता।' स्वर्ग से एक देवदूत आया और बोला, 'तुमने जो कहा, तुम वही हो।' वह आदमी धनवान हो गया, उसने रेशम के गद्दे पर खुद को बैठा हुआ पाया। तभी वहां से उस देश का राजा निकला। उसके रथ के आगे और पीछे घुड़सवार चल रहे थे और सिर के ऊपर सोने का छत्र लगा हुआ था। जब उस धनवान ने यह दृश्य देखा, तो वह अपनी स्थिति से असंतुष्ट हो गया। आहें भरते हुए चिल्लाया, 'मैं राजा बनना चाहता हूं।' देवदूत फिर आया और बोला, 'तुमने जो कहा, तुम वही हो।' अचानक उस धनवान ने खुद को रथ पर पाया। उसके आगे घुड़सवार चल रहे थे, पीछे घुड...
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