नई दिल्ली, जनवरी 22 -- रिंकू सिंह को भले ही भारतीय टीम की तरफ से खेलने के बहुत कम मौके मिल रहे हों लेकिन जब भी उन्हें अवसर मिलता है तब उन्होंने डेथ ओवरों में अपना खास प्रभाव छोड़ा। इसकी एक बानगी नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान देखने को मिली। सितंबर में एशिया कप में एकमात्र गेंद पर चौका लगाकर जीत दिलाने के बाद रिंकू ऑस्ट्रेलिया में टी20 श्रृंखला के अधिकतर मैचों में बेंच पर ही बैठे रहे। जिस एकमात्र मैच में उन्हें अंतिम एकादश में जगह मिली उसमें उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला।मैच का रुख बदलने वाली पारी न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच से पहले रिंकू ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच आठ नवंबर 2025 को ब्रिस्बेन में खेला था। नागपुर में उन्होंने हालांकि केवल 20 गेंदों पर 44 रन बनाकर मैच का रुख बदलने वाली प...