लखनऊ, दिसम्बर 16 -- वाहनों की फिटनेस जब से निजी हाथों में गई है तब से फिटनेस के नाम पर आठ से 10 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। निजी हाथों में जाने से पहले फिटनेस के लिए 1500 से 2000 रुपये लिए जाते थे। छोटे लोडर वाहनों से ओवरलोडिंग के नाम पर जुर्माना न वसूला जाए। यह बात उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष राजीव जायसवाल ने कही। वह समिति की ओर से फिटनेस की नाम पर मनमानी वसूली और छोटे लोडर वाहनों पर जुर्माना वसूले जाने के विरोध में आलमबाग के इको गार्डन में आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। कहा कि जब आरटीओ के अधीन फिटनेस सेंटर था तब फिटनेस कराने पर हम लोगों को 1500 से 2000 रुपये ही देने पड़ते थे। अब प्रदेश में कई स्थानों पर फिटनेस सेंटर निजी हाथों में चला गया है। वहां पर फिटनेस के लिए 8000 से 10000 रुपये लिए जा ...