नई दिल्ली, फरवरी 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक प्रवासी भारतीय नागरिक (ओसीआई) की ओर से दाखिल एक याचिका को खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि उसके पास 'फिजूल के मुकदमों' के लिए समय नहीं है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि हालांकि, ओसीआई का दर्जा कुछ विशेषाधिकार प्रदान करता है, लेकिन यह भारतीय नागरिकता के बराबर नहीं है, जो अधिवक्ता अधिनियम की धारा-24 के तहत पंजीकरण के लिए एक अनिवार्य शर्त बनी हुई है। ओसीआई कार्ड धारी चेलाभाई करसनभाई पटेल की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमारे पास फिजूल के मुकदमों के लिए समय नहीं है। पटेल ने राज्य बार काउंसिल का सदस्य बनने की पात्रता हासिल करने के लिए शीर्ष अदालत का रुख किया था। याचिका में उसने वकालत करने और राज्य बार काउंसिल ...