अयोध्या, फरवरी 19 -- अयोध्या, संवाददाता। यदि साथ में फार्म भराने वाला परिजन नहीं हो तो बिना नाम व पता के आए ऐसे मरीजों को लावारिस कहा जाता है। लावारिस मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती करने से इंकार कर दिया जाता है। इसका कारण अस्पताल में इस प्रकार के मरीजों की देखभाल के लिए समुचित व्यवस्थाओं का न होना बताया जाता है। इनमें ज्यादातर मरीजों का मानसिक संतुलन सही न होने की सम्भावना भी रहती है। अस्पताल प्रशासन हर मरीजों को भर्ती करने का दावा करता रहता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और सामने आती है। जिला अस्पताल में मंगलवार को एक लावारिस मरीज को केवल इसलिए भर्ती नहीं किया गया, क्योंकि उसके मानसिक होने की आशंका थी। एक समाजसेवी मानवता का परिचय देते हुए उसे अचेतावस्था में रायबरेली ओवरब्रिज के पास से लेकर अस्पताल आए थे, लेकिन मौके पर मौजूद चिकित्सक व मेडि...