गंगापार, दिसम्बर 17 -- शासन का ऐसा फरमान सुन कि फार्मर रजिस्ट्री के बिना किसान सम्मन निधि सहित सभी सरकारी सुविधाएं बंद कर दी जाएगी किसानों में हड़बड़ी मच गई है। किसान फार्मर रजिस्ट्री के लिए उपलब्ध सहज जन सेवा केंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। जहां उनसे कैफे संचालक मुंह मांगा दम वसूल कर रहे हैं। वहीं शासन के तरफ से फार्मर रजिस्ट्री कराये जाने के लिए किसी भी तरह की सुविधा मुहैया नहीं कराई गया है। जिसको लेकर किसानों में आक्रोश है ब्याप्त है। बता दें कि, क्षेत्र के ललतारा, इटवा, कौहट सहित अन्य कैफे संचालकों द्वारा इलाकाई अशिक्षित जनता से फार्मर रजिस्ट्री के लिए Rs.100 से लेकर Rs.500 तक की वसूली कर रहे हैं। कोटर निवासी किसान रजनीश तिवारी, कमलेश तिवारी, विष्णु तिवारी, ओंकार नाथ साहित कई अन्य ने बताया कि हमने किसान रजिस्ट्री के लिए 500 रुपये दिए त...