अल्मोड़ा, दिसम्बर 11 -- वनाग्नि की घटनाओं को रोकने को शीतलाखेत मॉडल होगा लागू प्रशासन ने शीतलाखेत मॉडल से मांगे जंगल बचाने के सुझाव बीते पांच साल में जंगल को आग से बचाने के तरीकों पर मंथन बीते साल प्रदेश के सभी जिलों के वनाधिकारी कर चुके हैं भ्रमण अल्मोड़ा, वरिष्ठ संवाददाता। फायर सीजन शुरू होने में अभी दो माह का समय बांकी है। लेकिन प्रशासन और वन विभाग वनाग्नि की घटनाओं को थामने के लिए अभी से तैयारियों में जुट गया है। खास बात यह है कि वनाग्नि को थामने के लिए इस बार बड़े पैमाने शीतलाखेत मॉडल को लागू करने की तैयारी की जा रही है। अल्मोड़ा के शीतलाखेत वन पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बना हुआ है। बीते साल उत्तराखंड के लगभग सभी वन प्रभागों ने यहां पहुंचकर अध्ययन किया। महिलाओं, ग्रामीणों के साथ संवाद कर जंगल को आग से बचाने के तरीके जाने थी। वनाधिकारिय...
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